१०८ .शेर
तुझे भी हुआ तो होगा मुझे खोने का दर्द,
जब भी कभी तन्हाई ने रुलाया होगा ।
जरूरी तो नही कत्ल इरादों का होना ,
वो बात और है वर्षा ,
मुस्करा कर जमाने को दिखाया होगा ।
जब भी कभी तन्हाई ने रुलाया होगा ।
जरूरी तो नही कत्ल इरादों का होना ,
वो बात और है वर्षा ,
मुस्करा कर जमाने को दिखाया होगा ।
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