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Thursday, 26 December 2019

21 .

दिल की बर्बादियों का चलो जश्न मनाया जाए ,
रूठे दिल को फिर से हंसाया जाए ।
क़बूल कब होती है किस्मत को खुशियां ,
चलो अश्कों को फिर से सजाया जाए।

आह से खिल जाते हैं दिल के नासूर भी ,
क्यों न सिसकियों को फिर से रुलाया जाए ।
मुश्किल है इस चमन में फूल खिलाना
चलो काँटों से ही गुलशन को महकाया जाए ।#


चंचल मन वाला व्यक्ति कभी स्थिर नहीं रह सकता

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