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Thursday, 26 December 2019

29 .
सबकी अपनी मंजिलें ,सबके अपने ख्वाब ।
रास्ते मे जो फिसल गये ,
कैसे सपने हों साकार ।

जुबां  पर मिठास बनी रहे ,
जिंदगी में मिठास आ ही जाती है #
जय श्री कृष्ण मित्रो ,प्रथम बार कुंभ में जाने का अवसर मिला ।अकथनीय और अविश्वसनीय अनुभव रहा ।एक आमआदमी शायद कभी जाने के बारे में सोच भी नहीं पाता लेकिन आदरणीय मोदीजी के अद्भुत और सफल इंतजाम ने हर व्यक्ति के दिल मे जाने की एक ललक पैदा कर दी और हम भी उसका हिस्सा बने ।सदियों में कहीं ऐसा सुअवसर प्राप्त होता है ।धन्य है ईश्वर की लीला और हमारे देश की गजब परंपराएं जहाँ देवता भी स्नान करने पृथ्वी पर आते हैं । कोई कितना भी आधुनिक क्यों न बन जाये लेकिन हमारी संस्कृति के आगे सभी बौने हैं ।
जय हिंद जय भारत

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