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Thursday, 26 December 2019

32 ,शायरी 



"#उम्र से दिल का गुलाल मत लगा लेना जनाब ,
जीने के लिए दिल से बच्चा होना भी जरूरी है ।
उदासियों का अंदाज आँसुओं से मत लगा लेना ,
डोर उम्र की खींच लेना भी शायरी है बेहिसाब ।#
वर्षा वार्ष्णेय अलीगढ़"
#उम्र से दिल का गुलाल मत लगा लेना जनाब ,
जीने के लिए दिल से बच्चा होना भी जरूरी है ।
उदासियों का अंदाज आँसुओं से मत लगा लेना ,
डोर उम्र की खींच लेना भी शायरी है बेहिसाब ।#

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