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Sunday, 15 December 2019

14 रचना 

रूह की तलब हर किसी को नहीं होती ,
शायद इसीलिए मोह्हबत हर किसी से नहीं होती ।

कवि सम्मेलन में एकाधिकार ?
बाजार पर वर्गीकरण या तुष्टि का समीकरण ?


"गणेश चतुर्थी की आप सभी को शुभकामनाएं ,ॐ गंग गणपतये नमः #
#सब बदल जाता है ,
#सिर्फ एक ईश्वर ही है जो हमारा साथ कभी छोड़ता ।ईश्वर में अगाध श्रद्धा और विश्वास ही हमें पार ले जाने में सक्षम है ।#
वर्षा वार्ष्णेय अलीगढ़"
गणेश चतुर्थी की आप सभी को शुभकामनाएं ,ॐ गंग गणपतये नमः #
#सब बदल जाता है ,
#सिर्फ एक ईश्वर ही है जो हमारा साथ कभी छोड़ता ।ईश्वर में अगाध श्रद्धा और विश्वास ही हमें पार ले जाने में सक्षम है ।#

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